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मान का विपक्ष पर पलटवार: पंजाब में 80% नशीले पदार्थों की खेप रोकी गई

मुख्यमंत्री ने कहा, पाकिस्तान से आने वाली 80% खेप रोकी गई, विपक्ष कर रहा राजनीति।

झटपट समझें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि राज्य सरकार की सख्ती के कारण पाकिस्तान से आने वाली लगभग 80 प्रतिशत नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोक दी गई है। उन्होंने विपक्ष पर इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि पाकिस्तान से आने वाली 80% नशीले पदार्थों की खेप रोकी गई है।
  • जनवरी से अब तक विदेश से 10 गैंगस्टरों को पंजाब वापस लाया गया है।
  • मान ने विपक्ष पर नशे के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
  • उन्होंने मुंद्रा बंदरगाह पर पकड़ी गई खेप का हवाला देते हुए कहा कि नशा तस्करी एक राष्ट्रीय चुनौती है।
  • यह बयान भाजपा की 'नशा मुक्त यात्रा' से ठीक पहले आया है।
एक आदमी ने सफेद शर्ट पहनी हुई है और वह कैमरे की तरफ देख रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर राज्य सरकार के प्रयासों का विवरण दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि राज्य सरकार की सख्ती के बाद पाकिस्तान की ओर से पंजाब में आने वाले नशे की लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति रोक दी गई है। इस दौरान पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो सरकार के दावों को पुष्ट करते दिखे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। उनके अनुसार इस वर्ष जनवरी से अब तक विदेश में छिपे 10 गैंगस्टरों को वापस पंजाब लाया जा चुका है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह राज्य में होने वाली घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि समाधान के सुझाव नहीं दे रहा। उन्होंने पंजाब को नशे और अराजकता से ग्रस्त राज्य के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति जताई, जिसे उन्होंने विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा, तीनों प्रमुख दलों पर इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पकड़ी गई लगभग तीन हजार किलो नशीले पदार्थों की खेप का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि केवल पंजाब को ही इस समस्या के लिए जिम्मेदार क्यों ठहराया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी का जाल देशव्यापी है और यह केवल एक राज्य की समस्या नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय चुनौती है।

मुख्यमंत्री का यह बयान भाजपा की प्रस्तावित 'नशा मुक्त यात्रा' से ठीक पहले आया है, जो 18 सितंबर से शुरू होनी है। विधानसभा चुनाव से पहले नशा और कानून-व्यवस्था राज्य की राजनीति के प्रमुख मुद्दे बनते दिख रहे हैं, और मान का यह पलटवार चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।

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